menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २५५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ते स्म तं मुदिता दृष्ट्वा पुनरभ्यागतं नृपम् |  ५०   क
जित्वा तान्सिन्धुसौवीरान्द्रौपदीं चाहृतां पुनः ||  ५०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति