menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय १४०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततः शरशतेनाजौ धर्मपुत्रमवाकिरत् |  ३८   क
कवचं चास्य सङ्क्रुद्धः शरैस्तीक्ष्णैरदारय़त् ||  ३८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति