शान्ति पर्व  अध्याय २३२

व्यास उवाच

तदेतदुपशान्तेन दान्तेनाध्यात्मशीलिना |  ३   क
आत्मारामेण वुद्धेन वोद्धव्यं शुचिकर्मणा ||  ३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति