menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २३२
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
अजं पुराणमजरं सनातनं; यदिन्द्रिय़ैरुपलभते नरोऽचलः |  ३३   क
अणोरणीय़ो महतो महत्तरं; तदात्मना पश्यति युक्त आत्मवान् ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति