वन पर्व  अध्याय २३२

युधिष्ठिर उवाच

न साम्ना प्रतिपद्येत यदि गन्धर्वराडसौ |  १६   क
पराक्रमेण मृदुना मोक्षय़ेथाः सुय़ोधनम् ||  १६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति