menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २३३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
एवमुक्त्वा ततः पार्थः सव्यसाची धनञ्जय़ः |  १९   क
ससर्ज निशितान्वाणान्खचरान्खचरान्प्रति ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति