menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २३४
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
यांस्तु गन्धान्रसान्वापि व्रह्मचारी न सेवते |  २५   क
सेवेत तान्समावृत्त इति धर्मेषु निश्चय़ः ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति