शान्ति पर्व  अध्याय २३४

व्यास उवाच

विधूमे सन्नमुसले वानप्रस्थप्रतिश्रय़े |  ८   क
काले प्राप्ते चरन्भैक्षं कल्पते व्रह्मभूय़से ||  ८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति