menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २३४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यथा कर्णस्य च रथो धार्तराष्ट्रस्य चोभय़ोः |  ३   क
गन्धर्वैः शतशश्छिन्नौ तथा तेषां प्रचक्रिरे ||  ३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति