menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २३५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
दिष्ट्या भवद्भिर्वलिभिः शक्तैः सर्वैर्न हिंसितः |  १३   क
दुर्वृत्तो धार्तराष्ट्रोऽय़ं सामात्यज्ञातिवान्धवः ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति