menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २३७
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
जीवितं यस्य धर्मार्थं धर्मोऽरत्यर्थमेव च |  २३   क
अहोरात्राश्च पुण्यार्थं तं देवा व्राह्मणं विदुः ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति