शान्ति पर्व  अध्याय २३७

व्यास उवाच

कपालं वृक्षमूलानि कुचेलमसहाय़ता |  ७   क
उपेक्षा सर्वभूतानामेतावद्भिक्षुलक्षणम् ||  ७   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति