menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शल्य पर्व
अध्याय २०
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
पाण्डूंश्च सर्वान्सङ्क्रुद्धो धृष्टद्युम्नं च पार्षतम् |  ३३   क
शिखण्डिनं द्रौपदेय़ान्पाञ्चालानां च ये गणाः ||  ३३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति