menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २३८
chevron_left
chevron_right
दुर्योधन उवाच
तस्मात्प्राय़मुपासिष्ये न हि शक्ष्यामि जीवितुम् |  १९   क
चेतय़ानो हि को जीवेत्कृच्छ्राच्छत्रुभिरुद्धृतः ||  १९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति