menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २७८
chevron_left
chevron_right
राजो उवाच
एहि सावित्रि गच्छ त्वमन्यं वरय़ शोभने |  २३   क
तस्य दोषो महानेको गुणानाक्रम्य तिष्ठति ||  २३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति