शान्ति पर्व  अध्याय २४

व्यास उवाच

तमव्रवीत्समागत्य स राजा व्रह्मवित्तमम् |  १३   क
किमागमनमाचक्ष्व भगवन्कृतमेव तत् ||  १३   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति