menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २८५
chevron_left
chevron_right
सूर्य उवाच
भक्तिमन्तो हि मे रक्ष्या इत्येतेनापि हेतुना |  ७   क
भक्तोऽय़ं परय़ा भक्त्या मामित्येव महाभुज |  ७   ख
ममापि भक्तिरुत्पन्ना स त्वं कुरु वचो मम ||  ७   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति