menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
अनुशासन पर्व
अध्याय २४
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अवघुष्टं च यद्भुक्तमव्रतेन च भारत |  ५   क
परामृष्टं शुना चैव तं भागं रक्षसां विदुः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति