अनुशासन पर्व  अध्याय २४

भीष्म उवाच

परदाराभिहर्तारः परदाराभिमर्शिनः |  ६१   क
परदारप्रय़ोक्तारस्ते वै निरय़गामिनः ||  ६१   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति