सभा पर्व  अध्याय २४

वैशम्पाय़न उवाच

स तद्राज्यमवस्थाप्य कुलूतसहितो यय़ौ |  ९   क
सेनाविन्दुमथो राजन्राज्यादाशु समाक्षिपत् ||  ९   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति