menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततः कुरुश्रेष्ठमुपेत्य पौराः; प्रदक्षिणं चक्रुरदीनसत्त्वाः |  ५   क
तं व्राह्मणाश्चाभ्यवदन्प्रसन्ना; मुख्याश्च सर्वे कुरुजाङ्गलानाम् ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति