menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
उद्योग पर्व
अध्याय २४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
यथार्हसे पाण्डव तत्तथैव; कुरून्कुरुश्रेष्ठ जनं च पृच्छसि |  १   क
अनामय़ास्तात मनस्विनस्ते; कुरुश्रेष्ठान्पृच्छसि पार्थ यांस्त्वम् ||  १   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति