भीष्म पर्व  अध्याय २४

श्रीभगवानु उवाच

अन्तवन्त इमे देहा नित्यस्योक्ताः शरीरिणः |  १८   क
अनाशिनोऽप्रमेय़स्य तस्माद्युध्यस्व भारत ||  १८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति