आदि पर्व  अध्याय ३८

सूत उवाच

निश्चित्य मन्त्रिभिश्चैव सहितो मन्त्रतत्त्ववित् |  २८   क
प्रासादं कारय़ामास एकस्तम्भं सुरक्षितम् ||  २८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति