कर्ण पर्व  अध्याय २४

दुर्योधन उवाच

ततः स तपसा चैव दमेन निय़मेन च |  १३८   क
पूजोपहारवलिभिर्होममन्त्रपुरस्कृतैः ||  १३८   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति