menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ८५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
वध्यतां तत्र सैन्यानामन्योन्येन महारणे |  २५   क
प्रावर्तत नदी घोरा रुधिरौघप्रवाहिनी ||  २५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति