menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ८४
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
स त्वं राजन्स्थिरो भूत्वा दृढां कृत्वा रणे मतिम् |  ४२   क
योधय़स्व रणे पार्थान्स्वर्गं कृत्वा पराय़णम् ||  ४२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति