menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २४१
chevron_left
chevron_right
व्यास उवाच
लोकमातुरमसूय़ते जन; स्तत्तदेव च निरीक्ष्य शोचते |  १३   क
तत्र पश्य कुशलानशोचतो; ये विदुस्तदुभय़ं कृताकृतम् ||  १३   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति