menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४१
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
अस्ति त्वन्यन्महत्सत्रं राजसूय़समं प्रभो |  २८   क
तेन त्वं यज राजेन्द्र शृणु चेदं वचो मम ||  २८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति