menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
भीष्म पर्व
अध्याय ५१
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
न निवर्तय़ितुं चापि शक्येय़ं महती चमूः |  ३९   क
अन्योन्यप्रेक्षय़ा पश्य द्रवतीय़ं वरूथिनी ||  ३९   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति