menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यथा सुखी जनः सर्वः क्षत्तः स्यादन्नसंय़ुतः |  २०   क
तुष्येच्च यज्ञसदने तथा क्षिप्रं विधीय़ताम् ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति