menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २६८
chevron_left
chevron_right
मार्कण्डेय़ उवाच
मध्ये राक्षसकोटीनां वह्वीनां सुमहावलः |  ८   क
शुशुभे मेघमालाभिरादित्य इव संवृतः ||  ८   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति