menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यय़ातिर्नहुषश्चापि मान्धाता भरतस्तथा |  ५   क
क्रतुमेनं समाहृत्य पूताः सर्वे दिवं गताः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति