menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
पुनर्वहुमृगं रम्यं काम्यकं काननोत्तमम् |  १३   क
मरुभूमेः शिरः ख्यातं तृणविन्दुसरः प्रति |  १३   ख
तत्रेमा वसतीः शिष्टा विहरन्तो रमेमहि ||  १३   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति