menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २४४
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततः शय़ानं कौन्तेय़ं रात्रौ द्वैतवने मृगाः |  २   क
स्वप्नान्ते दर्शय़ामासुर्वाष्पकण्ठा युधिष्ठिरम् ||  २   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति