menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय ९३
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
तत्र वै दक्षिणाकाले व्रह्मघोषो दिवं गतः |  २१   क
न स्म प्रज्ञाय़ते किञ्चिद्व्रह्मशव्देन भारत ||  २१   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति