आदि पर्व  अध्याय २५

सूत उवाच

स तच्छ्रुत्वा पितुर्वाक्यं भीमवेगोऽन्तरिक्षगः |  २६   क
नखेन गजमेकेन कूर्ममेकेन चाक्षिपत् ||  २६   ख
अनुवाद

अकृत-अनुवादम्

टीका

टीका नास्ति