menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय ५२
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
ततो महर्षय़ः सर्वे समुत्थाय़ जनार्दनम् |  २७   क
भीष्ममामन्त्रय़ां चक्रू राजानं च युधिष्ठिरम् ||  २७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति