menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
द्रोण पर्व
अध्याय २५
chevron_left
chevron_right
सञ्जय़ उवाच
ततो ध्वनिर्द्विरदरथाश्वपार्थिवै; र्भय़ाद्द्रवद्भिर्जनितोऽतिभैरवः |  ५७   क
क्षितिं विय़द्द्यां विदिशो दिशस्तथा; समावृणोत्पार्थिव संय़ुगे तदा ||  ५७   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति