menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २५१
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
अपि ह्युक्तानि कर्माणि व्यवस्यन्त्युत्तरावरे |  ४   क
लोकय़ात्रार्थमेवेह धर्मस्य निय़मः कृतः |  ४   ख
उभय़त्र सुखोदर्क इह चैव परत्र च ||  ४   ग
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति