menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २९९
chevron_left
chevron_right
याज्ञवल्क्य उवाच
त्रीणि कल्पसहस्राणि एतेषामहरुच्यते |  १४   क
रत्रिरेतावती चैव मनसश्च नराधिप ||  १४   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति