menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २५३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
सोऽपि दृष्ट्वैव तं विप्रमाय़ान्तं भाण्डजीवनः |  ४६   क
समुत्थाय़ सुसंहृष्टः स्वागतेनाभ्यपूजय़त् ||  ४६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति