menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २५३
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
स चिन्तय़ामास मुनिर्जलमध्ये कदाचन |  ५   क
विप्रेक्ष्य सागरान्तां वै महीं सवनकाननाम् ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति