menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
स्त्री पर्व
अध्याय ११
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
यथान्तकमनुप्राप्य जीवन्कश्चिन्न मुच्यते |  २६   क
एवं वाह्वन्तरं प्राप्य तव जीवेन्न कश्चन ||  २६   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति