menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २५४
chevron_left
chevron_right
भीष्म उवाच
उपपत्त्या हि सम्पन्नो यतिभिश्चैव सेव्यते |  ५२   क
सततं धर्मशीलैश्च नैपुण्येनोपलक्षितः ||  ५२   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति