menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २५५
chevron_left
chevron_right
तुलाधार उवाच
कर्तव्यमिति कर्तव्यं वेत्ति यो व्राह्मणोभय़म् |  १५   क
व्रह्मैव वर्तते लोके नैति कर्तव्यतां पुनः ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति