menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २५५
chevron_left
chevron_right
तुलाधार उवाच
स्वय़ं चैषामनडुहो युज्यन्ति च वहन्ति च |  ३०   क
स्वय़मुस्राश्च दुह्यन्ते मनःसङ्कल्पसिद्धिभिः ||  ३०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति