menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
शान्ति पर्व
अध्याय २५५
chevron_left
chevron_right
तुलाधार उवाच
नमो व्राह्मणय़ज्ञाय़ ये च यज्ञविदो जनाः |  ५   क
स्वय़ज्ञं व्राह्मणा हित्वा क्षात्रं यज्ञमिहास्थिताः ||  ५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति