menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २५५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
इन्द्रसेनद्वितीय़स्तु रथात्प्रस्कन्द्य धर्मराट् |  १५   क
हताश्वः सहदेवस्य प्रतिपेदे महारथम् ||  १५   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति