menu
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
বাংলা
महाभारत
शब्दसूची
श्लोकपादसूची
About Us
वन पर्व
अध्याय २५५
chevron_left
chevron_right
वैशम्पाय़न उवाच
सुरथस्तं गजवरं वधाय़ नकुलस्य तु |  २०   क
प्रेषय़ामास सक्रोधमभ्युच्छ्रितकरं ततः ||  २०   ख
अनुवाद
अकृत-अनुवादम्
टीका
टीका नास्ति